Ashish Vidyarthi Podcast

Ashish Vidyarthi Podcast

@ashishvidyarthipodcast · 289K subscribers · 775 videos · Hindi

Hi, I am Ashish Vidyarthi. As an Indian film actor, I have worked in over 200 films across 12 languages (Hindi, Telugu, Tamil, Kannada, Bengali, Malayalam, E…

Episodes

7:11

Hum With Me | Episode 2 - Thoda Kam Bhaagna: Har Waqt Jaldi Mein Kyun Rehte Hain?

5.9K views · 2d ago · 7:11

Aajkal ki duniya ek ajeeb si daud ban chuki hai—har kisi ko kahin na kahin bohot jaldi pahunchna hai. Lekin is bhaag-daud mein, hum raaste ka sukoon aur beech ke khoobsurat lamhon ko mehsoos karna bhool jaate hain. Growth ka matlab sirf speed nahi hota. Jaise ek bada vriksh bina kisi jaldbazi ke apni jadon ko mazboot karta rehta hai, theek waise hi hum sabka apna ek unique tempo hota hai. Apni chaal se chalna ruk jaana nahi hota, balki apne rhythm ko jeena hota hai.

16:55

जब बच्चों की दुनिया बड़ी हो जाए... माता-पिता क्या करें? When Your Kids Don't Need You Anymore

174K views · 5d ago · 16:55

एक दौर था जब बच्चे हर बात के लिए हमारा हाथ थामते थे। फिर धीरे-धीरे वो बड़े हो गए, अपनी राह खुद चुनने लगे और अपने फैसले खुद लेने लगे। जब वो कहते हैं, 'मुझे पता है, आप चिंता मत करो', तो गर्व भी होता है और सीने में एक अजीब सा खालीपन भी।

4:48

Kyun Hum Har Waqt Thake Rehte Hain? | The Silent Burnout | सोने के बाद भी थकान क्यों रहती है?

16K views · 1w ago · 4:48

कभी-कभी हम सोकर उठते हैं, फिर भी थके हुए होते हैं। शरीर ने आराम किया होता है, लेकिन मन की थकान कहीं न कहीं बनी रहती है। Kabhi socha hai, aisa kyun hota hai? क्योंकि हर थकान शरीर की नहीं होती। कुछ थकान रोज़ सबके सामने ठीक होने का दिखावा करने से आती है। हर किसी के लिए available रहने से, ज़िम्मेदारियाँ निभाते-निभाते और खुद को भूल जाने से।

14:27

Parents Ko Budha Hote Dekhna... | Dealing with Aging Parents | मां-बाप की ढलती उम्र और हमारा दर्द

87K views · 1w ago · 14:27

Guest: Aging Parents

Parents ko बूढ़ा होते dekhna आसान नहीं होता. Bachpan mein humein lagta hai ki Maa-Baba हमेशा वैसे ही रहेंगे — strong, active, aur har waqt humare saath. Phir ek din waqt धीरे-धीरे roles बदल देता है. Jo haath kabhi humein sambhalta tha, ek waqt ke baad us haath ko humari zarurat padne lagti hai.

3:59

सपने पूरे करने की उम्र या सपने संभालने की उम्र? | Finding Purpose in Daily Hustle

10K views · 2w ago · 3:59

जिंदगी में एक ऐसा दौर आता है when passion takes a backseat, and responsibilities take over. हर सुबह उठकर काम पर जाना—भले ही मन न हो, थकान हो, या दिल कहीं और हो—यह हार मान लेना नहीं है। It takes immense courage to show up every single day for the people you love. इस वीडियो में मैंने बस अपने दिल की वही बात साझा की है जो हम सब कभी न कभी महसूस करते हैं। If you are carrying the silent weight of responsibilities today, remember: your effort matters, and you are not alone.

22:08

Office Politics Se Kaise Bachein? Promotion, Job Change & Career Growth Tips

22K views · 2w ago · 22:08

Corporate life mein sabse bada challenge sirf kaam karna nahi, balki office politics aur apni value maintain karna hota hai. Aksar hum mehnat karte rehte hain, lekin credit koi aur le jata hai ya fir bad boss aur toxic culture ki wajah se growth ruk jati hai. Is video mein maine aapke puche gaye 5 zaroori sawaalon ke practical solutions share kiye hain—taaki aap chupchap sehne ke bajay smartly grow kar sakein.

4:45

कब तक Strong बने रहोगे? | कब तक सबकी खातिर मजबूत बने रहोगे? | Tired of Pretending You're Fine?

19K views · 3w ago · 4:45

हम अक्सर अपनों के लिए हमेशा "मजबूत" बने रहने का बोझ अकेले ही उठाते रहते हैं। पर सच तो यह है कि ताकत का मतलब अपनी तकलीफों को छुपाना या कभी न रोना नहीं होता। असली हिम्मत तब शुरू होती है जब आप खुद को ठहरने, सांस लेने और अपनी भावनाओं को स्वीकार करने की इजाज़त देते हैं। हर दिन सब कुछ सही साबित करने की ज़रूरत नहीं है—कभी-कभी कमजोर महसूस करना भी पूरी तरह सामान्य है।

15:02

भाई-बहन बड़े होकर दूर क्यों हो जाते हैं? Can Siblings Become Close Again After Years of Distance?

20K views · 3w ago · 15:02

बचपन में भाई-बहन हमारी दुनिया का बहुत बड़ा हिस्सा होते हैं — लड़ाइयाँ, शिकायतें, हँसी और ढेर सारी यादें। फिर हम बड़े हो जाते हैं। नौकरी, शादी, बच्चे और जिम्मेदारियों के बीच कभी-कभी बिना किसी बड़े झगड़े के भी दूरी आ जाती है।

10:28

Khud Ke Liye Ek Awaaz | क्या आप खुद से दूर हो गए हैं? | Reconnecting With Your Inner Voice

14K views · 1mo ago · 10:28

कामयाबी पाना, आगे बढ़ना और खुद को बदलना स्वाभाविक है। लेकिन समाज और सफलता के दायरे में खुद को साबित करते-करते, क्या हम उस इंसान को तो नहीं भूल जाते जिसे लेकर हम चले थे? इस बातचीत में, मैंने अपने दिल की एक छोटी सी बात साझा की है—अपनी सादगी, अपने पुराने स्वरूप और खुद से जुड़े रहने के बारे में। दुनिया चाहे जितनी बदल जाए, बस खुद से अपनी दूरी मत बनने दीजिए।

5:07

सैलरी और सुकून एक साथ क्यों नहीं आते? सैलरी बढ़ गई, पर सुकून कहाँ गया? | Salary Aur Sukoon

40K views · 1mo ago · 5:07

Guest: Salary Aur Sukoon

इस बातचीत में, मैंने अपने दिल की बात और कुछ गहरे अनुभवों को साझा किया है। पैसा जरूर महत्वपूर्ण है, लेकिन उस पैसे का असली मोल तभी है जब आपके पास उसे मुस्कुराकर जीने का सुकून हो। खुद को थोड़ा वक्त दीजिए, गहरी सांस लीजिए और याद रखिए कि असली सफलता सिर्फ बैंक बैलेंस में नहीं, बल्कि मन की शांति और खुशियों में है।

24:05

Agar Aap Bhi Har Baat Par Zyada Sochte Hain... Overthinking Se Kaise Bachein

29K views · 1mo ago · 24:05

क्या आपका दिमाग भी हर वक्त छोटी-छोटी बातों पर उलझा रहता है? इस एपिसोड में मैंने अपना नज़रिया साझा किया है कि हम इतना ज़्यादा क्यों सोचते हैं और कैसे मन के इस शोर को शांत करके असली सुकून पाया जा सकता है। अगर आप भी ओवरथिंकिंग से परेशान रहते हैं, तो कमेंट्स में अपने अनुभव ज़रूर साझा करें। चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएं ताकि कोई भी नया एपिसोड आपसे छूट न जाए!

4:28

जब 'हाँ' बोलना बोझ बन जाए | Are You a People Pleaser? | Kisiko Dissapoint Nahi karna

14K views · 1mo ago · 4:28

हम में से कितने लोग ऐसे हैं जो सिर्फ इसलिए 'हाँ' कह देते हैं क्योंकि हम 'ना' कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाते? हम दिन भर मुस्कुराते हुए समझौते करते हैं, सबको खुश रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन रात को एक खालीपन महसूस होता है। दूसरों को निराश न करने के डर में, हम रोज़ थोड़ा-थोड़ा खुद को निराश करते रहते हैं। हर बात में हाँ बोलना अच्छाई नहीं, कभी-कभी सिर्फ खोने का डर होता है।

12:19

Paisa Ya Pehchan: Aap Asliyat Mein Kya Chahte Hain? | Chasing Money at the Cost of Your Identity?

28K views · 1mo ago · 12:19

Guest: Paisa Ya Pehchan

पैसे कमाने की होड़ में अक्सर हम अपनी असली पहचान कहीं पीछे छोड़ देते हैं। इस एपिसोड में, मैंने अपने व्यक्तिगत नज़रिए और अनुभवों से यह साझा किया है कि जीवन में वास्तव में क्या मायने रखता है—पैसा या आपकी अपनी पहचान। कमेंट्स में अपनी राय ज़रूर साझा करें: आपके लिए जीवन में क्या अधिक महत्वपूर्ण है—पैसा या पहचान? इस वीडियो को लाइक करें, अपनों के साथ शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर करें।

5:53

अपनी असली पहचान को फिर से याद करें | Reconnecting With Your Inner Self

10K views · 1mo ago · 5:53

जिंदगी की भागदौड़, काम के दबाव और जिम्मेदारियों के बीच हम अक्सर उस इंसान को कहीं पीछे छोड़ देते हैं जो कभी सिर्फ मुस्कुराना और सपने देखना जानता था—यानी हमारी असली पहचान। यह वीडियो आपके लिए एक छोटा सा पड़ाव है जहाँ आप ठहरकर खुद से मिल सकें। उस मासूम, खुशमिजाज और बेपरवाह रूप को फिर से याद करें जो पद, सैलरी और जिम्मेदारियों से परे था। आप अपने काम और पद से कहीं ज्यादा बढ़कर हैं।

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